एसपी देहात देहरादून जया बलूनी की अध्यक्षता में 10 सदस्यीय टीम पूरे प्रकरण की गहनता से पड़ताल कर रही है
देहरादून: स्वतंत्रता संग्राम सेनानी कोटे से MBBS दाखिले के लिए कथित फर्जी प्रमाणपत्र इस्तेमाल किए जाने के मामले में SIT ने जांच तेज कर दी है. मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी देहात जया बलूनी की अध्यक्षता में 10 सदस्यीय टीम पूरे प्रकरण की गहनता से पड़ताल कर रही है. SIT ने देहरादून के साथ अब हरिद्वार में भी जांच का दायरा बढ़ाया है.
एसआईटी ने तेज की MBBS एडमिशन फर्जीवाड़े की जांच: SIT ने MBBS दाखिले से जुड़े प्रमाणपत्रों, फाइलों और अन्य दस्तावेजों की जांच शुरू कर दी है. टीम यह पता लगाने में जुटी है कि संदिग्ध प्रमाणपत्र किस स्तर पर तैयार किए गए और दाखिले की प्रक्रिया में इनका इस्तेमाल किस तरह हुआ. जानकारी के अनुसार स्वतंत्रता संग्राम सेनानी कोटे से MBBS दाखिले के लिए कथित फर्जी प्रमाणपत्र इस्तेमाल किए जाने के मामले में SIT मंगलवार को हरिद्वार पहुंची. यहां मामले से जुड़े कई संदिग्ध लोगों से पूछताछ की गई. टीम अलग-अलग स्तर से सामने आए तथ्यों और दस्तावेजों को जोड़कर पूरे मामले की कड़ियां तलाश रही है.
स्वास्थ्य मंत्री को सौंपी जा चुकी है 370 संदिग्धों की सूची: स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल को हाल ही में 370 संदिग्ध अभ्यर्थियों की सूची सौंपी गई थी. इसके बाद NEET प्रवेश में संभावित फर्जीवाड़े की जांच तेज की गई है. वहीं, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी कोटे में फर्जी तरीके से प्रवेश की पुष्टि हो चुके मामलों की जांच SIT कर रही है.
8 अभ्यर्थियों के प्रमाणपत्र पहले ही निरस्त: फर्जी प्रमाणपत्रों के मामले सामने आने के बाद अब तक 8 अभ्यर्थियों के प्रमाणपत्र निरस्त किए जा चुके हैं. प्रशासनिक स्तर पर सत्यापन के दौरान अन्य फर्जी मामलों के सामने आने की भी संभावना है.
778 अभ्यर्थियों ने राज्य कोटे से लिए है एमबीबीएस और बीडीएस में एडमिशन: उत्तराखंड में NEET-UG काउंसलिंग के जरिए MBBS और BDS में हुए दाखिलों की जांच तेज हो गई है. HNB चिकित्सा शिक्षा विश्वविद्यालय की ओर से पहले और दूसरे चरण में प्रोविजनल प्रवेश और ‘फ्लोट’ का विकल्प चुनने वाले कुल 1112 अभ्यर्थियों की सूची जारी की गई है. इनमें 778 अभ्यर्थियों ने राज्य कोटे के तहत MBBS-BDS में प्रवेश लिया है. इन अभ्यर्थियों को SC-ST, OBC, EWS और स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आश्रित समेत अलग-अलग आरक्षण का लाभ मिला है. अब इनके मूल प्रमाणपत्र संबंधित जिलों में भेजकर जिला प्रशासन के स्तर से सत्यापन कराया जा रहा है.
एसपी देहात जया बलूनी कर रही हैं फर्जी प्रमाण पत्रों की जांच: एसएसपी प्रमेंद्र सिंह डोबाल ने बताया है कि-
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी देहात जया बलूनी की अध्यक्षता में 10 सदस्यों की SIT जांच कर रही है. टीम लगातार पूछताछ और दस्तावेजों की पड़ताल कर रही है. जांच में सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.
-प्रमेंद्र डोबाल, एसएसपी, देहरादून-

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