पौड़ी सड़क हादसे में लक्सर के एक ही परिवार के कई लोगों की मौत के बाद क्षेत्र में शोक की लहर है.
लक्सर: बीते दिन पौड़ी में सड़क दुर्घटना में एक ही परिवार के छह सदस्यों की मौत की खबर पहुंचते ही रायपुर गांव में हड़कंप मच गया. रिश्तेदार और जान पहचान के लोग अफजाल के घर पहुंचे. अधिक उम्र होने के कारण अभी अफजाल की मां नफीसा को हादसे में उनके परिजन की मौत की जानकारी नहीं दी गई हैं. उन्हें बस दुर्घटना में अफजाल और अन्य परिजन के घायल होने की जानकारी ही दी गई है.
परिवार को लेकर घूमने जा रहा था अफजाल: पेशे से ठेकेदारी का कार्य करने वाला रायपुर गांव निवासी अफजाल पौड़ी में एक भवन बनाने का कार्य करा रहा था और वह पौड़ी में ही रह रहा था. इन दिनों कांवड़ मेला होने के चलते वह पत्नी और बच्चों को लेकर पौड़ी घूमने जा रहा थे. सुबह करीब 7 बजे परिवार घर से निकला था. उनके साथ उनका भाई गुफरान, पत्नी शब्बो, पुत्र अमन, अरमान, अरहम, पुत्री अनाविया थे. पौड़ी से पहले कुंडधार में उनकी बोलेरो खाई में गिर गई. हादसे में अहरम को छोड़कर वाहन में सवार सभी की मौत हो गई. अरहम का फिलहाल उपचार चल रहा है.
हादसे के बाद गांव में छाया मातम: गुफरान की पत्नी और बेटा ज्वालापुर मायके गए थे. हादसे की जानकारी मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया. रिश्तेदार उनके घर पहुंचे. आसपास के ग्रामीण भी अफजाल के घर पहुंचे और परिजन को ढांढस बंधाया. परिवार के करीबी और रिश्तेदार पौड़ी के लिए रवाना हो गए. हादसे की खबर मिलने पर गांव में भी शोक की लहर दौड़ गई. जिसने भी दुर्घटना की खबर सुनीं उसकी आंखें नम हो गई, ग्रामीणों ने हादसे पर शोक जताया है.
अपनों को खोने के गम में हर आंख नम: गांव में शुक्रवार को हुई दर्दनाक घटना की खबर पहुंचते ही माहौल पूरी तरह बदल गया. जिस गांव में एक दिन पहले तक खुशियां और चहल-पहल थी, वहां अब हर तरफ सन्नाटा पसरा हुआ है. ग्रामीण अपने-अपने घरों के बाहर बैठकर घटना की चर्चा करते नजर आए. हर किसी की जुबान पर हादसे की ही बात थी और आंखों में अपनों को खोने का दर्द साफ दिखाई दे रहा था. ग्रामीणों का कहना था कि उन्होंने इस तरह की दर्दनाक घटनाएं अक्सर मोबाइल फोन, टीवी या समाचारों में ही देखी और सुनी थीं, लेकिन जब ऐसी घटना अपने गांव में हुई तो सभी को गहरा झटका लगा. लोगों का कहना था कि यह दुख सिर्फ एक परिवार का नहीं, बल्कि पूरे गांव का है.
दर्दनाक मंजर कभी नहीं देखा: 60 वर्षीय सादिक ने बताया कि उन्होंने अपनी जिंदगी में ऐसा दर्दनाक मंजर कभी नहीं देखा. वहीं सलीम ने कहा कि कल तक गांव में खुशियां थी, लेकिन आज हर घर में मातम छाया हुआ है. घटना के बाद ऐसा लग रहा है कि पूरे गांव की रौनक चली गई है. उन्होंने कहा कि दुख की इस घड़ी में कई घरों में चूल्हे तक नहीं जलेंगे. 70 वर्षीय शौकत ने बताया कि गांव में करीब तीन सौ से चार सौ लोग रहते हैं और सभी लोग आपस में बहुत प्यार और भाईचारे के साथ रहते हैं.
हादसे ने लोगों को झकझोरा: यहां हर सुख-दुख में लोग एक-दूसरे के साथ खड़े रहते हैं. उधर रियासत खान ने कहा कि मृतक परिवार से उनकी काफी नजदीकियां थी. इस घटना ने उन्हें अंदर तक झकझोर दिया है. वहीं अब्दुल अहद और अरशद ने बताया कि कल शाम तक वह परिवार के छोटे बच्चों के साथ हंसी-खुशी खेल रहे थे, लेकिन आज वही घर मातम में बदल गया है. इस हादसे ने पूरे गांव को गहरे सदमे में डाल दिया है.
हादसे में मृतकों के नाम
- अफजाल पुत्र अकबर सूफी (उम्र 49 वर्ष)
- शब्बो पत्नी अफजाल (उम्र 40 वर्ष)
- अनाविया पुत्री अफजाल (उम्र 3 वर्ष)
- गुफरान पुत्र अकबर सूफी (उम्र 34 वर्ष)
- अरमान पुत्र अफजाल (उम्र 21 वर्ष)
- अमन पुत्र अफजाल (उम्र 16 वर्ष)
- घायल-अरम पुत्र अफजाल (उम्र 8 वर्ष)
- पता- रायपुर, जीतपुर, लक्सर हरिद्वार
बता दें कि बीते दिन देवप्रयाग-पौड़ी मार्ग पर सबदरखाल के पास वाहन अनियंत्रित होकर खाई में गिर गया था. इस हादसे में छह लोगों की दर्दनाक मौत हो गई. वहीं एक बच्चा गंभीर रूप से घायल हो गया. हादसा शुक्रवार सात अगस्त सुबह घटित हुआ. जिसमें एक ही परिवार के छह सदस्यों की मौत हो गई.

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