चारधाम यात्रा 2025 में सुरक्षा, तकनीक और समन्वय के साथ नया रिकॉर्ड बना। पहली बार रेंज कार्यालय में कंट्रोल रूम बना। चुनौतियों और सुरक्षा चिंताओं के बीच पुलिस ने इस साल की चारधाम यात्रा में रिकॉर्ड कायम किया। पहलगाम आतंकी हमले के बाद बढ़ी सतर्कता के बीच चारों धामों में पहली बार केंद्रीय अर्द्धसैनिक बलों की तैनाती की गई। इसके बाद धराली आपदा जैसी परिस्थितियों से भी प्रभावी तरीके से निपटा गया।
यह सब हो सका पहली बार रेंज कार्यालय में स्थापित किए गए कंट्रोल रूम से। पल-पल की जानकारी मौके से जुटाकर संबंधित जगह पर फोर्स को जिम्मेदारी दी गई। चारधाम कंट्रोल रूम के नोडल अफसर एसपी ट्रैफिक देहरादून लोकजीत सिंह ने बताया कि इस वर्ष 59.36 लाख यात्रियों ने पंजीकरण कराया, जिनमें से 51.06 लाख श्रद्धालुओं ने चारों धामों के दर्शन किए।
यात्रा की रियल-टाइम निगरानी के लिए 1600 सीसीटीवी कैमरे, 13 ड्रोन और धामों में पहली बार लगाए गए हेड काउंट कैमरे बेहद कारगर साबित हुए। यातायात प्रबंधन को मजबूत बनाने के लिए पूरे मार्ग को 42 जोन, 137 सेक्टर और 15 सुपर जोन में बांटा गया।
23 बाटल-नेक चिह्नित कर सुधार किए गए और 23 नई सीजन पुलिस चौकियां स्थापित की गईं। कुल 6500 कर्मियों की तैनाती से यात्रा प्रबंधन अधिक सुचारु रहा। अतिरिक्त सुरक्षा के लिए केंद्रीय अर्द्धसैनिक बलों की 12 कंपनियां और राज्य एटीएस तैनात रहीं।
यात्रा के दौरान हुए प्रमुख कार्य
- 992 बीमार यात्रियों को इमरजेंसी मेडिकल सहायता प्रदान की गई।
- गंभीर हालत वाले 43 यात्रियों को हेली एंबुलेंस से एयरलिफ्ट किया गया।
- आपदा या भूस्खलन के दौरान फंसे 16,696 यात्रियों को सुरक्षित रेस्क्यू किया गया।
- बिछड़े 275 यात्रियों को उनके परिजनों से मिलवाया गया।

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